मंगलवार 10 मार्च 2026 - 10:44
आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनेई की इताअत शरई वज़ीफा हैः मौलाना अबुल कासिम रिज़वी

हौज़ा / ऑस्ट्रेलिया की शिया उलेमा परिषद के अध्यक्ष और मेलबर्न के इमाम-ए-जुमआ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सैयद अबुल कासिम रिज़वी ने कहा कि शिया मज़हब और हक़ की सरबुलंदी के लिए आज हम सभी की यह शरई और अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी है कि हम रहबरे मोअज़्ज़म आक़ाय ए मुजतबा ख़ामेनेई के वफ़ादार, बेदार और फ़िदाकार सिपाही बनकर निज़ामे विलायत की हिफ़ाज़त करें।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ऑस्ट्रेलिया की शिया उलेमा परिषद के अध्यक्ष और मेलबर्न के इमाम-ए-जुमआ हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सैयद अबुल कासिम रिज़वी ने अपने एक बयान में कहा कि तशय्यु और हक़ की सरबुलंदी के लिए आज हम सबकी यह शरई और अख़लाक़ी ज़िम्मेदारी है कि हम रहबरे मोअज़्ज़म आक़ाये मुजतबा ख़ामेनेई के वफ़ादार, बेदार और फ़िदाकार सिपाही बनकर निज़ामे विलायत की हिफ़ाज़त करें।

आपके चयन की ख़बर दुश्मनाने इस्लाम व तशय्यु के दिलों पर बिजली बनकर गिरी है, यह ख़बर उनके लिए एटम बम से कम नहीं है, जबकि अहले हक़, मुजाहिदीने राहे हक़ और मोमिनीन के लिए उम्मीद, कुव्वत और फतह की अज़ीम बशारत है।

उन्होंने कहा कि हम पर लाज़िम है कि हम इत्तेहाद, बसीरत और इस्तिक़ामत के साथ परचमे विलायत के गिर्द जमा रहें और हर साज़िश व फ़ितने का डटकर मुक़ाबला करें।

आखिर में कहा कि बारगाहे इलाही में दुआ है कि रहबरे मोअज़्ज़म आक़ाये मुजतबा ख़ामेनेई को दुश्मनों के फ़ित्ना व शर और मक्र व फरेब से महफूज़ रखे उन्हें सहत व सलामती, तूले उम्र और मज़ीद इज़्ज़त व इक़्तेदार अता फ़रमाए, और तमाम बातिल कुव्वतों को हमेशा के लिए निस्त व नाबूद कर दे। आमीन।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha